Tuesday, 18 July 2017

तो राजपूत बनकर बचाई आईपीएस मोनिका सैन ने अपनी जान

चोट लगने के बाद भी रात भर संभाल रखा था मोर्चा
आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण में 12 जुलाई को सांवरदा में श्रद्धांजली सभा में अचानक हुए उपद्रव में आईपीएस मोनिका सैन को भी भीड़ ने काफी नुकसान पहुंचाया, लेकिन सैन ने जब खुद को राजपूत बताया और बाद में राजपूती कपड़े पहनकर अपनी जान बचाई।
आईपीएस मोनिका सैन ने अपने साथ घटित उस खौफनाक मंजर के बारे में बताया कि शाम को अचानक नागौर जिला पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख को सूचना मिली कि रेलवे भीड़ रेलवे ट्रेक उखाड़ रही है और 8 काॅन्सटेबल को बंदी बना लिया गया है। इनमें से तीन पर कैरोसीन भी छिड़क दिया गया है ओर आग लगाने जा रहे हैं। इस पर एसपी देशमुख ने उन्हें साथ लिया और घटना स्थल की ओर बढ़ गए। उनके साथ दो गनमैन, एक ड्राईवर और एक अन्य हैड काॅन्सटेबल भी था। घटनास्थल से लगभग 800 मीटर दुरी पर ही भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी देशमुख ने बाहर निकलकर भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ उन पर भी पिल पड़ी। जैसे-तैसे एसपी देशमुख ने समाज के नेताओं की गाड़ी में शरण ली और अपनी जान बचाई।
गाड़ी पर लाठी और पत्थर बरस रहे थे
आईपीएस मोनिका सैन बताती हैं कि वह मंजर काफी खौफनाक था। हजारों की संख्या में लोग और चारों तरफ से लाठियां व पत्थर बरसाए जा रहे थे। गाड़ी एकाएक पलटने को हुई तो उन्होंने सभी को गाड़ी से उतरने के निर्देश दिए। सभी ने हैलमेट और जैकेट पहन रखा था। इससे काफी बचाव हुआ। भीड़ ने गनमैन की बंदूक छीन ली और सभी के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन पर भी डंडे बरसाए गए। उन्होंने अपना हैलमेट हटाकर राजपूत समाज की बेटी होने की बात लोगों से कही। जब लोगों ने देखा कि महिला है तो कुछ को रहम आ गया। उन्होंने उसे जैसे तैसे वहां से बचाकर निकाला। वहां से छिपते छिपाते वह एक घर की ओर गई जहां कुछ महिलाएं खड़ी थी। महिलाओं ने अंदर ले जाकर बैठाया। वहां जाने के बाद ही उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस से सम्पर्क किया। लगभग 40 मिनट वह उस घर में रूकी। इसके बाद महिलाओं ने उन्हें राजपूती ड्रेस पहनने की सलाह दी। उन्होंने वर्दी के उपर ही राजपूती ड्रेस डाली और स्थानीय थानाधिकारी के साथ थाने पहुंची। थाने जाते ही एसपी पारिस देशमुख और गनमैन सहित अन्य के बारे में जानकारी ली।
हुडदंगियों पर निकाला गुस्सा
इतना सब होने और खौफनाक मंजर से निकलने के बाद भी मोनिका सैन कहां हार मानने वाली थी। उन्होंने कहा कि थाने में जैसे ही हुडदंगियों को लाया गया तो उन्हें अच्छा खासा सबक सिखाया। इसके बाद पूरी रात वहां की व्यवस्था को देखते रहे और मोर्चा संभाले रखा। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने भी उन्हें आराम करने की सलाह दी लेकिन उन्होंने मामला निपटने के बाद ही चैन की सांस लेने की बात कही। अधिकारियों ने भी उनके इस साहस के लिए बाद में पीठ थपथपाई।
नेताओं पर हो कार्रवाई
आईपीएस सैन ने कहा कि इतनी मात्रा में भीड़ एकत्रित करने वाले राजपूत समाज के नेताओं के खिलाफ अवश्य सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि जिस तरह से माहौल को बिगाड़ा गया और पुलिसकर्मियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई यह पूरी तरह कानून के खिलाफ है। ऐसे लोगों पर यदि कार्रवाई नहीं होती है तो भविष्य में ऐसे दुसरे लोगों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पुलिस का मनोबल गिरता है।
सैन की बहादुरी को सलाम
आईपीएस मोनिका सैन ने जिस तरह इस पूरे प्रकरण में भूमिका निभाई और चोटिल होने के बाद भी मोर्चा संभाले रखा। यह वाकई काबिले तारीफ है।  उनकी यह बहादुरी सलाम करने योग्य है। अन्य महिला पुलिस अधिकारियों को भी चाहिए कि वह मोनिका सैन से प्रेरणा लें और हालातों से भागने की बजाय उनका डटकर सामना करे।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com

Saturday, 8 July 2017

हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर सवाल, 5 सिम कार्ड जप्त


जेल स्टाॅफ शक के दायरे में!

प्रदेश की हाई सिक्योरिटी जेल जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकता, इस जेल में शनिवार को पांच मोबाईल सिम मिलने से यहां की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़े हुए हैं। यह पहला मौका है जब हाईसिक्योरिटी जेल से मोबाईल या सिम मिले हों। दरअसल जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने शनिवार को जिला पुलिस के अधिकारियों को हाई सिक्योरिटी जेल का औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जब बारिकी से जेल को खंगाला तो वहां से पांच मोबाईल सिम बरामद हुए। जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह ने कहा कि जेल में निरीक्षण के दौरान हार्डकोर अपराधी मांगीलाल विश्नोई के कब्जे से तीन और लाॅरेंस के कब्जे से दो मोबाईल सिम बरामद हुए हैं। सिम जप्त कर लिए हैं और सिविल लाईन थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोलाराम यादव, देवेन्द्र कुमार विश्नोई, डीएसपी राजेश मीणा, ओमप्रकाश मीणा, रामगंज थानाधिकारी अजयकांत रतूड़ी, क्लाॅक टावर थानाधिकारी रमेन्द्र सिंह, सिविल लाईन थानाधिकारी करण सिंह खंगारोत, कोतवाली थानाधिकारी बनवारी लाल मीणा, आदर्श नगर थानाधिकारी नरपत सिंह चारण, क्रिश्चयनगंज थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह गिल सहित अन्य मौजूद थे।
लापरवाही तो है ही
एसपी राजेन्द्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जेल में जैमर भी है और पुख्ता बंदोबस्त भी है। इसके बावजूद भी यदि सिम कार्ड पहुंचा है तो अवश्य ही लापरवाही रही है। इस संबंध में जांच करवाई जाएगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
हार्डकोर की हरकतें होती है कैद
हार्डकोर अपराधी को पूरे पुख्ता बंदोबस्त के बीच हाई सिक्योरिटी जेल से बाहर निकाला जाता है तो इसकी भी विडियो रिकाॅर्डिंग करवाई जाती है। यानि कि हार्डकोर अपराधियों की हर एक हरकतों को कैद करने के साथ ही नजर भी रखी जाती है। फिर ऐसे में सिम कार्ड जेल के अंदर तक पहुंच पाना तो नामुमकिन सा लगता है।
जेल स्टाॅफ शक के दायरे में
जेल के स्टाॅफ पर अब शक की सुई जा रही है। ऐसे में जेल स्टाॅफ से सघन पूछताछ की जाएगी तो इसका भण्डाफोड हो सकता है कि किसने सिम कार्ड उपलब्ध करवाया। जेल में सिम मिलने के बाद से वैसे भी हडकम्प मचा हुआ है।
सिम कार्ड भी खोलेगी राज
सिम कार्ड को भी जिला पुलिस के एक्सपर्ट को दे दिया गया है जो सिम कार्ड से किन लोगों से बात हुई है और किस फोन में लगाकर उसे इस्तेमाल किया गया था सहित अन्य कई राज से पर्दाफाश करने में जुट गए हैं। फिलहाल दोनों हार्डकोर तो इस संबंध में कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर रहे हैं।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com

अब नहीं होना होगा अभिभावकों को परेशान

देवनानी ने सभी को साथ बैठाकर बनवाई आम सहमति
अजमेर में स्कूलों में बालवाहिनी योजना को सशक्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के विरोध में चल रहा वैन संचालकों का गतिरोध शनिवार शाम को समाप्त हो गया। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी के निवास पर आयोजित बैठक में पुलिस व परिवहन प्रशासन तथा वैन व टैम्पो संचालकों के बीच विभिन्न मुद्दो पर सहमति बन गई। प्रशासन ने वैन के उपर कैरियर लगाने तथा कागजों की कमियों को दूर करने के लिए विशेष शिविर लगाने तथा वैन संचालकों ने एक बार में 12 बच्चे बैठाने तथा अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने पर सहमति जताई है।
शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी ने बताया कि आज हुई बैठक में वैन संचालकों ने अपनी सात सूत्राीय मांगे प्रशासन के समक्ष रखी। इन पर सकारात्मक माहौल में सहमति बनी। वैन संचालकों ने एप्रेन पहनने, एक बार में वैन में 12 से अधिक बच्चे नहीं बैठाने, टैम्पो में 8 बच्चे बैठाने, मान्यता प्राप्त गैस किट का ही उपयोग करने, अग्निशमन यंत्रा लगाने तथा वैन व टैम्पो से टेप व चार्जिंग पाॅइंट हटाने पर सहमति जतायी।     उन्होंने बताया कि पुलिस व परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि वैन व टैम्पो संचालकों के दस्तावेजों में बालवाहिनी से संबंधित जो भी कमियां हैं उन्हें अगले सप्ताह रविवार को एक विशेष शिविर आयोजित कर दूर किया जाए। वैन संचालकों को वैन के उपर कैरियर लगाने की भी अनुमति दी गई। इसी तरह अन्य मांगे भी आपसी सहमति से सुलझा ली गई। बैठक में प्रादेशिक परिवहन अधिकारी विनोद कुमार, पुलिस उप अधीक्षक प्रीति चैधरी, वैन एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
गौरतलब है कि जब से जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चैधरी ने बालवाहिनी योजना को सशक्त करने के लिए अभियान चलाया था। इसके बाद से ही वैन संचालक हडताल पर उतर गए। इससे अभिभावकों को खासा परेशान होना पड़ रहा था।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com

Friday, 7 July 2017

कमाण्डो सोहन सिंह की सलामती के लिए जगह-जगह प्रार्थना






कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउण्टर में हीरो की भूमिका निभाने वाले कमाण्डो सोहन सिंह की तबियत बिगड़ने की सूचना ने हर किसी को हैरान कर दिया है। सोहन सिंह की सेहतमंदी के लिए मंदिरों में प्रार्थना, मस्जिद और दरगाह में दुआ, गुरूद्वारों में अरदास तो गिरीजाघरों में प्रे की जा रही है। राजस्थान पुलिस के भी लगभग सभी थानों, चैकियांे व कार्यालयों में भी जल्द से जल्द सोहन सिंह के स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है। अजमेर में भी दरगाह सर्किल के डीएसपी ओमप्रकाश मीणा, दरगाह थानाधिकारी मानवेन्द्र सिंह, गंज थानाधिकारी दिनेश जीवनानी और स्टाॅफ ने सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की पवित्र मजार पर चादर पेश कर कमाण्डों के स्वास्थय लाभ के लिए दुआएं मांगी, तो वहीं ट्रेफिक डिप्टी प्रीति चैधरी ने भी अपने यातायात पुलिसकर्मियों के साथ शिवालय में जाकर पूजा अर्चना की। कोतवाली थानाधिकारी बनवारी लाल मीणा ने थाने में ही स्टाॅफ के साथ सोहन सिंह के तंदरूस्त होकर घर आने की प्रार्थना की तो वहीं किशनगढ़ के पीटीएस में भी पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सोहन सिंह के लिए प्रार्थना की।
दरगाह में उठे हाथ
ख्वाजा साहब की दरगाह में खादिम एस.एफ. हसन चिश्ती के नेतृत्व में दुआ की गई। चिश्ती के साथ ही अन्य खादिम व जायरीन ने सोहन सिंह के स्वस्थ होकर काम पर लौटने और प्रदेश की रक्षा में सदैव तत्पर रहने की ख्वाजा साहब से दुआ मांगी।
मेदांता में चल रहा इलाज
गुरूवार को सोहन सिंह की हालत में सुधार हो गया था। इसके चलते एसएमएस अस्पताल के आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था लेकिन अचानक शुक्रवार को सोहन सिंह की तबियत नासाज हो गई और उन्हंे चिकित्सकों ने मेदांता हाॅस्पिटल में रैफर कर दिया। सोहन सिंह को मेदांता की एयर एम्बुलैंस से ले जाया गया। इस दौरान अस्पताल में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, एटीएस एडीजी उमेश मिश्रा, आईजी दिनेश एमएन, जयपुर पुलिस कमीश्नर संजय अग्रवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com


Friday, 30 June 2017

ब्लाॅग पढ़कर महिला आयोग अध्यक्ष ने लिया प्रसंज्ञान

चिकित्सा मंत्री को निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
गंज स्थित मलिक अस्पताल में अविवाहित युवती का अवैध रूप से गर्भपात करवाने के मामले में राज्य महिला आयोग ने प्रसंज्ञान ले लिया है। आयोग अध्यक्षा सुमन शर्मा ने चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ को निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रदेश के अन्य निजी जनाना अस्पतालों की भी जांच करवाकर इस घिनौने काम को रूकवाने के निर्देश दिए हैं। शर्मा ने अपने अजमेर प्रवास के दौरान जिला कलक्टर गौरव गोयल को भी मामले में दिशा निर्देश दिए हैं। सुमन शर्मा ने शुक्रवार सुबह ब्लाॅग पढ़कर मैसेज किया कि वह इस गंभीर मामले को देख रहे हैं और इसके दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। बाद में फोन पर हुई वार्ता में शर्मा ने कहा कि ब्लाॅग पढ़ने के बाद उन्होंने चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ से बात की और अजमेर के मलिक अस्पताल में गौरखधंधा चलाने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने और प्रदेश के सभी निजी जनाना अस्पतालों का भी रिकाॅर्ड खंगालकर जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कमेटी का गठन भी कर दिया गया है, कमेटी को जल्द से जल्द जांच करने के निर्देश प्रदान किए हैं।
कलक्टर भी करवाएंगे जांच
शर्मा ने कहा कि मामले में जिला कलक्टर गौरव गोयल से भी बात की गई और उन्हें अपने स्तर पर जांच करवाकर कार्रवाई करने के आदेश प्रदान किए हैं। शर्मा ने कहा कि ऐसे घिनौने काम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो जिससे कि भविष्य में ऐसे काम करने वालों पर अंकुश लग सके।
भ्रूण का हुआ पोस्टमार्टम
गंज थाना पुलिस ने भ्रूण का जेएलएन अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और उसे दफना दिया गया। वहीं युवती का मेडिकल मुआयना भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मलिक दम्पति की तलाश भी की जा रही है। अस्पताल के स्टाॅफ के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार) अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com

Thursday, 29 June 2017

हेलमेट होगा तो ही कर सकेंगे पुलिस लाईन में एन्ट्री

दुर्घटना में कमी लाने के लिए एसपी की अनूठी पहल
अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चैधरी ने दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने इसके मद्देनजर अब पुलिस लाईन में आने और जाने वालों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता के निर्देश दिए हैं। हेलमेट नहीं होने पर वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मैंने पूर्व में ही ब्लाॅग के जरिए बताया था कि एसपी राजेन्द्र सिंह चैधरी हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा तकनीक पर काम करते हैं। चैधरी ने फिर यह सिद्ध कर दिया। उन्होंने नियम दुसरों पर थापने से पहले अपने स्टाॅफ पर लागू किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में अधिकांश युवाओं की है और हेलमेट नहीं होने के कारण होने की बात आंकडे़ बता रहे हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए उन्होंने अपनी ओर से यह पहल करने की ठानी। एसपी चैधरी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के बाद स्कूली बच्चों पर भी सख्ती दिखाई जाएगी। बच्चों को नियमित रूप से हेलमेट लगाकर वाहन चलाने के लिए बाध्य किया जाएगा। इसके लिए बच्चों के परिजनों को भी पाबंद किया जाएगा। इसके बाद शहर में भी हेलमेट लगाकर वाहन नहीं चलाने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाई जाएगी। जिससे कि दुर्घटना में होने वाली मौतें कम हो।
सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह चैधरी ने गुरूवार को बाल वाहिनी स्थायी समिति की बैठक में निर्देश दिया कि किसी भी सूरत में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। दोषी पाए जाने के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने स्कूल प्रबंधन को भी रोड़ सेफ्टी क्लब गठित करने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने कहा कि 5 से 15 जुलाई तक यातायात संबंधी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों के बीच प्रतिस्पर्धा करवाई जाएगी। जो अच्छा प्रदर्शन करेगी उस स्कूल को पारितोषिक देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com

मलिक हाॅस्पिटल में चल रहे गर्भपात के गौरखधंधे का भण्डाफोड़

अविवाहित युवती का किया जा रहा था गर्भपात
अजमेर के गंज स्थित मलिक हाॅस्पिटल में पिछले लम्बे समय से चल अवैध गर्भपात के गौरखधंधे का गुरूवार को भण्डाफोड़ हो गया। चिकित्सा विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई अंजाम दी। हाॅस्पिटल में शास्त्रीनगर निवासी अविवाहित युवती का गर्भपात किया गया था। पुलिस ने पांच माह के भ्रूण को कब्जे में लेकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। शुक्रवार को मेडिकल ज्यूरिस्ट से उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ रामलाल चैधरी ने बताया कि मलिक हाॅस्पिटल में गर्भपात के गौरखधंधे की पिछले लम्बे समय से सूचना मिल रही थी। आज अविवाहित युवती के गर्भपात की सूचना मिलते ही चिकित्सा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची लेकिन टीम की भनक लगते ही डाॅ राजेन्द्र मलिक और डाॅ साधना मलिक मौके से भाग छूटे। अस्पताल में केवल मात्र दो नर्सिंग स्टाॅफ मिले। डाॅ चैधरी ने कहा कि जब अस्पताल की जांच की गई तो लैबर रूम में भ्रूण पड़ा हुआ मिला। इस संबंध में जानकारी चाही गई तो अस्पतालकर्मियों ने गुमराह करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।
छिपाते रहे युवती को
डाॅ चैधरी ने बताया कि जिस युवती का गर्भपात किया गया था। उसे बचाने में अस्पतालकर्मी लगे रहे लेकिन जैसे ही गंज थाने की टीम वहां पहुंची और सख्ती से पूछा तो उन्होंने अस्पताल परिसर में ही लैटी हुई युवती के बारे में बताया। पुलिस ने युवती से भी इस संबंध में पूछताछ की।
मुकदमा दर्ज
कार्यवाहक थानाधिकारी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि चिकित्सा विभाग की शिकायत पर मलिक हाॅस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ आईपीसी की धारा 315,318 और एमटीपी एक्ट की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस हाॅस्पिटल संचालक की भी तलाश कर रही है वहीं युवती को जनाना अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। महिला चिकित्सक से उसकी जांच करवाई जाएगी।
गर्भपात की दवाईयां भी बरामद
चिकित्सा विभाग के ड्रग  इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे। ड्रग इंस्पेक्टर ने मौके से गर्भपात की दवाईयां भी जप्त की है। उक्त दवाईयों का कोई बिल भी बरामद नहीं हुआ। इस संबंध में भी डाॅ राजेन्द्र मलिक से पूछताछ की जाएगी और कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
सख्त हो कार्रवाई
गर्भपात जैसा घिनौना काम करने वालों के खिलाफ चिकित्सा विभाग और पुलिस को चाहिए की सख्त कदम उठाए। जिससे कि अवैध रूप से ऐसा काम करके मोटी रकम वसूलने वालों पर अंकुश लग सके। वर्तमान में भी शहर में कई मेडिकल स्टोर और निजी अस्पताल ऐसे हैं जो धडल्ले से यह घिनौना काम कर रहे हैं लेकिन आज दिन तक भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
9252958987
navinvaishnav5.blogspot.com