Saturday, 4 August 2018

आरएएस परीक्षा को लेकर अजमेर में रहेगा नेट बंद


नवीन वैष्णव @अजमेर
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारम्भिक) परीक्षा 2018 का प्रदेश भर में आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां को अंतिम रूप दे दिया गया है। परीक्षा के मद्देनजर कई जिलों में नेट बंद करने का निर्णय भी जिला प्रशासन की ओर से लिया गया है।
आरपीएससी की ओर से आयोजित आरएएस प्री परीक्षा के लिए पांच लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। रविवार को यह परीक्षा हजारों परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने जा रही है। परीक्षा को लेकर प्रदेश के जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। परीक्षा में किसी तरह की बाधा नहीं हो, इसके लिए कई जिलों में नेट भी बंद रहेगा।
जिले में यहां बंद रहेगा नेट
अजमेर जिला कलक्टर आरती डोगरा ने बताया कि संभागीय आयुक्त के आदेशानुसार अजमेर शहर, ब्यावर और किशनगढ़ में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक नेट पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसकी पालना के लिए सभी मोबाईल ऑपरेटर्स को सूचित कर दिया गया है। ब्रॉडबेंड सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। डोगरा ने कहा कि जिले में परीक्षा शांतिपूर्ण हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
जिला प्रशासन लें निर्णय
आयोग के सचिव पी. सी. बैरवाल ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। सभी परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा हो इसके लिए पुख्ता बंदोबस्त कर दिए गए हैं। नेटबंदी के सवाल पर बैरवाल ने कहा कि गृह विभाग को परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक करवाने के लिए पत्र लिखा गया था। इसमें यह भी लिखा था कि जिला और संभाग स्तर पर यह निर्णय लिया जाए कि नेट बंद करना आवश्यक है या नहीं है। उनका उद्देश्य परीक्षा की गोपनीयता और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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04-08-2018
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Wednesday, 1 August 2018

सरकारी योजनाओं के पचास लाख रूपए प्रतिमाह हजम कर रहा था गिरोह


महिला उपनिदेशक सहित चारों आरोपी एक दिन के पीसी रिमाण्ड पर
अजमेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा नागौर जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग में किए गए भण्डाफोड़ में पचास लाख रूपए हर महिने गिरोह द्वारा हजम करने की बात सामने आई है। बुधवार को महिला उपनिदेशक और तीन ठेकेदारों को एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें एक-एक दिन के पीसी रिमाण्ड पर सौंपा गया है।
अजमेर एसीबी के पुलिस अधीक्षक कैलाशचन्द्र बिश्नोई ने बताया कि मंगलवार को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से जब गहन पूछताछ की गई तो सामने आया कि वह केवल पोषाहार में ही नहीं बल्कि विभाग की सभी परियोजनाओं में घपला कर रहे थे। हर माह लगभग पचास लाख रूपए की राशि महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक, अधिकारी-कर्मचारी और ठेकेदार हजम कर रहे थे। इसे हजम करने के लिए फर्जी स्वयं सहायता समूह भी खोले गए थे जो कि ठेकेदारों द्वारा ही संचालित किया जाता।
हरी सिंह है दुसरा उपनिदेशक
एसपी बिश्नोई ने कहा कि जांच में यह भी सामने आया कि ठेकेदार हरी सिंह को विभाग का दुसरा उपनिदेशक कहा जाता था। वह पूरे विभाग को अपने अनुसार चलाता और विभाग के कार्मिकों को 25 प्रतिशत कमीशन बांट देता। जिससे कि कोई भी उसकी शिकायत नहीं करता। उन्होंने कहा कि अधिकांश बिल हरी सिंह के घर पर ही तैयार होते और विभाग का अधिकारी तुरंत उसे पास कर देता।
छह माह से सप्लाई नहीं
एसपी बिश्नोई की मानें तो कई ऐसे सेंटर्स भी है जहां पर पिछले छह माह में एक बार भी खाद्य सामग्री नहीं पहुंची। जिन लाभान्वितों को यह सामग्री मिलनी थी, उन्हें कोई बहाना बनाकर चलता कर दिया जाता था और उक्त सामग्री की रकम का 25 प्रतिशत विभाग और बाकि का ठेकेदार जीम जाते थे।
गर्भवती महिलाओं व बच्चों की भी योजनाएं
एसपी बिश्नोई ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में गर्भवती महिलाओं, 0 से 7 साल तक के बच्चों, आंगनबाड़ी पर आने वाले बच्चों के लिए विभिन्न परियोजनाएं चलाकर पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाता है। नागौर में यह पूरा गिरोह इन वंचितों को लाभ पहुंचाने की बजाय खुद ही चांदी कूटने में लगा हुआ था। आज चारों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमाण्ड की मांग की गई लेकिन न्यायाधीश महोदय ने एक दिन का रिमाण्ड स्वीकृत किया। गुरूवार को पुनः रिमाण्ड मांगा जाएगा। बिश्नोई ने कहा कि विभाग के सीड़ीपीओ सहित कई अन्य लोग भी संदेह के दायरे में है जिनकी भूमिका सामने आते ही गिरफ्तारियां होंगी।
मंत्री जी का खास है ठेकेदार!
एसीबी के हत्थे चढ़े गिरोह में शामिल एक ठेकेदार राज्य सरकार के एक मंत्री जी का काफी नजदीकी बताया जा रहा है। फिलहाल एसीबी को मंत्री जी का मामले में हाथ होना सामने नहीं आया है। फिर भी बारिकी से इसकी जांच में स्वयं एसपी कैलाशचन्द्र बिश्नोई जुट गए हैं।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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01-08-2018
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Tuesday, 31 July 2018

आंगनबाड़ी के पोषाहार में घपला करने वाली महिला उपनिदेशक सहित 3 ठेकेदार गिरफ्तार


बच्चों को घटिया गुणवत्ता का पोषाहार देकर कूट रहे थे चांदी, 50 लाख से अधिक की राशि जप्त
अजमेर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक कैलाश बिश्नोई ने नागौर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्र पर आने वाले बच्चों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है साथ ही उनके कब्जे से 50 लाख से अधिक की रकम भी बरामद की गई है। मामले में ओर भी कई गिरफ्तारियां होना बाकी है।
एसपी कैलाश बिश्नोई ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नागौर जिले की आंगनबाड़ी केन्द्र में सप्लाई होने वाला पोषाहार बिलकुल घटिया सामग्री का है और इसके पीछे भ्रष्टाचार की बू भी आ रही है। इस पर उन्होंने नागौर की महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक उषा रानी और कुछ ठेकेदारों के नम्बर सर्विलांस पर लगाए। एक महिने में ही सारी हकीकत सामने आ गई। इस पर उन्होंने अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर और टौंक की कुल 11 टीमें गठित करके नागौर के रियांबड़ी, परबतसर, डेगाना सहित 7 स्थानों पर छापामार कार्रवाई अंजाम दी गई।
रिश्वत की राशि का भी एमओयू
एसपी बिश्नोई ने कहा कि विभाग की ओर से साफ निर्देश है कि पोषाहार स्वयं सहायता समूह के जरिए मंगवाई जाए और अधिकारियों पर पोषाहार की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी भी थी। इसके बावजूद उपनिदेशक उषा रानी ने सभी नियमों को ताक में रखकर ठेकेदारों के जरिए पोषाहार मंगवाना तो शुरू कर दिया। इसकी एवज में उनसे 25 प्रतिशत कमीशन देना तय किया। जिसका एमओयू भी करवाया गया। बिश्नोई ने कहा कि उषा रानी की टेबल से वह एमओयू भी बरामद किया गया है। वहीं ठेकेदार द्वारा दी गई 40 हजार की रिश्वत राशि के साथ ही 15 हजार की अन्य राशि भी जप्त करके गिरफ्तार किया गया।
फर्जी बिल और पोषाहार की सामग्री जप्त
एसपी बिश्नोई ने कहा कि उषारानी के अलावा ठेकेदार डेगाना निवासी हरी सिंह, चुई निवासी किशोर बेन्डा और डेगाना निवासी योगेश दायमा को गिरफ्तार किया है। उक्त सभी ठेकेदारों के घर पर फर्जी बिल और डिमाण्ड नोट के साथ सीलें भी बरामद हुई है। उक्त बिलों के कमरे ठेकेदारों ने भर रखे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार हरी सिंह के घर की तलाशी में 50 लाख रूपए की नगदी भी बरामद हुई जिसे जप्त किया गया है। फिलहाल तीनों ठेकेदारों व उपनिदेशक उषारानी को गिरफ्तार करके गहनता से पूछताछ की जा रही है।
खुलेंगे कई ओर राज
इस मामले में कई ओर राज खुलने की संभावना भी एसपी बिश्नोई ने जताई है। उनकी मानें तो अभी महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ सहित अन्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वहीं उपरी अधिकारियों के भी मामले से तार जुड़े तो नहीं है। इसकी भी जांच चल रही है। बिश्नोई ने साफ कहा कि जो भी दोषी होगा उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
नहीं है शिकायतकर्ता
एसपी बिश्नोई के नेतृत्व में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को भण्डाफोड़ कर टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पूरी टीम बधाई की पात्र है। खास बात तो यह है कि इस कार्रवाई में कोई भी शिकायतकर्ता नहीं है। एसपी बिश्नोई को इसकी सूचना मिली थी। इसके बाद ही उन्होंने आरोपियों को दबोचने के लिए पूरे सिस्टम को लगा दिया था और इसका परिणाम यह हुआ कि 4 मुख्य घपलेबाज तो धर लिए गए, वहीं अन्य के भी नाम सामने आ रहे हैं।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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31-07-2018
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Tuesday, 24 July 2018

कुख्यात ईनामी बदमाश वरूण चौधरी व उसके साथी रिमांड पर





अजमेर के चर्चित रामकेश हत्याकाण्ड का मास्टरमाईंड और कुख्यात ईनामी बदमाश वरूण चौधरी और उसके साथियों को भरतपुर की नदबई थाना पुलिस ने रिमाण्ड पर लिया है। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।
नदबई थानाप्रभारी अरूण चौधरी ने बताया कि कुख्यात बदमाश वरूण चौधरी का निगरानी में ईलाज कराने के बाद छुट्टी मिलते ही सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं उसके साथी शॉर्प शूटर गौंडा निवासी रमेश चंद जाटव, मुकेश और सतीश को भी गिरफ्तार किया गया है। वरूण चौधरी को अदालत में पेश कर रिमाण्ड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वरूण ने पूछताछ के दौरान कबूला कि सरपंच दलीप हंतरा के कहने पर ही वह शॉर्प शूटर को लेकर हमला करने हंतरा गांव में पहुंचा था। चौधरी ने कहा कि हमले में घायल बिरजू उर्फ बृजेश के पर्चा बयान के आधार पर वरूण सहित सात जनों के खिलाफ थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
दुर का रिश्तेदार है सरपंच
चौधरी ने कहा कि वरूण ने पूछताछ में यह भी कबूला कि सरपंच दलीप के दुर का रिश्तेदार वरूण है। दलीप पर रंजिश के चलते एक साल पहले अनूप पटवारी के बेटों ने हमला किया था जिससे वह अभी भी चलने फिरने में सक्षम नहीं है। ऐसे में दलीप उनसे बदले की भावना रखता था और इसके चलते उसने वरूण को अनूप पटवारी और उसके बेटां को मारने की सुपारी दी थी।
मारने के ईरादे से आए थे
चौधरी की मानें तो वरूण अपने साथ 5 शॉर्प शूटर को लाया था जो तीन उसके साथ कार में सवार थे जबकि दो बाईक पर थे। दोनों बाईक पर सवार शॉर्प शूटर मामला बिगड़ते देख भाग छूटे। वहीं अनूप पटवारी के बेटों ने वरूण व उसके साथियों पर भी जमकर वार किए इससे वह घायल हो गए। चौधरी ने कहा कि ब्रिजेश ने गोली लगने के बावजूद भी वरूण पर सरिए से हमला किया था जिससे वह घायल होकर गिर गया।
यूपी में काटी फरारी
थानाधिकारी अरूण चौधरी ने कहा कि रामकेश मीणा की हत्या के बाद से अधिकांश समय वरूण ने फरारी उत्तरप्रदेश में काटी और वहां के बदमाशों को अपने साथ जोड़कर खुद का वर्चस्व बनाया। राजस्थान में कई बार सुपारी लेकर वारदातें भी वरूण ने अंजाम दी।
प्रोडक्शन वारंट से होगा गिरफ्तार
वरूण चौधरी को नदबई थाना पुलिस के जेल भेजे जाने के बाद अजमेर की अलवर गेट थाना पुलिस प्रोडक्शन वारंट के तहत गिरफ्तार करेगी और रामकेश हत्याकाण्ड के संबंध में पूछताछ करेगी। गौरतलब है कि केवल मात्र वरूण ही इस मामले में अब तक फरार चल रहा है। अन्य एक दर्जन आरोपी पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुके हैं और उनके कब्जे से भी भारी मात्रा में हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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24-07-2018
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सवा करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार


रकम दुगुनी करने, एटीम ब्लॉक होने सहित अन्य झांसे देकर देश भर में कर चुके वारदातें
टौंक जिला पुलिस को फोन पर झांसा देकर लोगां को करोड़ों का चूना लगाने वाल गिरोह को दिल्ली से दबोचने में सफलता हाथ लगी है। उक्त गिरोह का पर्दाफाश टौंक जिला पुलिस अधीक्षक योगेश दाधीच ने किया।
एसपी योगेश दाधीच ने बताया कि गोलेड़ा निवासी बालूराम शर्मा ने गत 15 जून को टोडाराय सिंह थाने पर उपस्थित होकर एक करोड़ 31 लाख रूपए की ठगी होने की शिकायत दी थी। इस पर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की गई। मामले में गठित की गई विशेष टीम के अथक प्रयासों से उक्त गिरोह के बारे में जानकारी मिली। गिरोह में दिल्ली और उत्तर प्रदेश के युवक शामिल थे। जिन्हें दिल्ली पुलिस की मदद से हिरासत में लिया गया। इसके बाद टीम सभी 6 आरोपियों को लेकर टौंक के सदर थाने पर पहुंची और यहां गहनता से पूछताछ की तो उन्होंने बालूराम शर्मा के साथ की गई वारदात तो कबूली ही वहीं देश भर में भी वारदातें करने की बात कही।
तरीका ए वारदात 
एसपी दाधीच ने कहा कि उक्त गिरोह ने कबूला कि वह फर्जी सिम लेकर लोगों को कॉल करते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम ब्लॉक होने की तो कभी लॉटरी निकलने का झांसा देते हैं तो कभी रकम दुगुनी करने का झांसा देते हैं। इस दौरान सामने वाले को इतना बातों में उलझा लिया जाता है कि वह उनकी बातें हकीकत मानकर रूपए उनके बताए खातों में डाल देता है या फिर ओटीपी बता देता है जिससे वह रकम निकाल लेते हैं। उन्होंने यह भी कबूला कि जिन बैंक खातों में रूपए डलवाए जाते हैं, वह भी फर्जी दस्तावेजों से ही खुलवाए गए हैं। दाधीच ने कहा कि उक्त फर्जी दस्तावेज भी जप्त किए गए हैं। उनकी मानें तो गिरोह इतना शातिर है कि पहले कभी पकड़ा भी नहीं गया है।
आप भी हो सकते हैं शिकार!
इस तरह की ठगी की वारदातों से आपको भी संभलने की आवश्यकता है। ऐसे फोन कॉल्स आज कल हर किसी के पास आते हैं। यदि कोई भी आपको बैंक कर्मचारी या अधिकारी बन कर फोन करें तो आप उसे अपनी कोई भी जानकारी नहीं बताए, क्योंकि कोई भी बैंक आपसे फोन पर जानकारी नहीं चाहेगी। यदि कोई आपको एटीएम बंद करने की बात भी कहें तो इससे घबराएं नहीं और उसे कार्ड नम्बर या ओटीपी नम्बर नहीं बताएं। इसी तरह यदि कोई आपको लाखों या करोड़ों की लॉटरी निकलने की बात भी कहता है तो समझ लीजिए कि वह आपको चूना लगाना चाह रहा है। सोचिए जब आपने कहीं आवेदन ही नहीं किया तो फिर आपकी लॉटरी कैसे खुल सकती है। ऐसे ही यदि रकम दुगुनी या इससे अधिक गुनी करने की बात भी कहें तो उसे सच नहीं मानें और खुद को इससे दुर रखें। अन्यथा आपको इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर
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Saturday, 21 July 2018

कुख्यात गैंगस्टर वरूण चौधरी ने फिर किया गैंगवार, सुपारी लेकर वारदात


भरतपुर के आगरा रो़ड़ स्थित हंतरा गांव की है घटना
कुख्यात गैंगस्टर वरूण चौधरी जहां पुलिस की नजरों में फरार चल रहा है वहीं वह खुले आम वारदात करके फरार हो जाता है। इस बार भी वह भरतपुर के आगरा रोड़ स्थित हंतरा में सरपंच से सुपारी लेकर निलम्बित पटवारी व उसके परिजनों को जान से मारने आया था लेकिन वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हुआ और अपने एक साथी के साथ अस्पताल के बैड़ पर जा पहुंचा। वहीं वरूण चौधरी के साथियों के हमले में पटवारी के बेटे सहित दो लोग चोटिल हुए हैं।
भरतपुर के नदबई थानाधिकारी अरूण चौधरी ने बताया कि हंतरा चौराहे पर एक कार ने अनूप पटवारी की कार के आगे लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। एकाएक हुए हमले से सभी चौंक गए लेकिन पटवारी अनूप और उसके साथ मौजूद लोगों ने भी कार में आए बदमाशों पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि कार में आए बदमाशों में वरूण चौधरी अपने साथी राघवेन्द्र, पुष्पेन्द्र और गौंडा के दो शॉर्प शूटर सतीश और मुकेश के साथ मौजूद था। इस हमले में पटवारी अनूप के बेटे विश्वेन्द्र उर्फ बिरजू के पीठ में गोली लगी जबकि अन्य लोगों को चोटें आई वहीं वरूण चौधरी के सिर पर पटवारी व उसके साथियां ने हमला कर दिया। वरूण के साथी राघवेन्द्र को भी गंभीर चोट आई। राघवेन्द्र और पटवारी के बेटे विश्वेन्द्र उर्फ बिरजू को जयपुर के एसएमएस अस्पताल के लिए रैफर किया गया। वहीं वरूण चौधरी का पुलिस की निगरानी में भरतपुर के ही निजी अस्पताल में ईलाज चल रहा है। चौधरी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर बदमाशों को हिरासत में ले लिया गया।
ईशारा मिलते ही गिरफ्तारी
थानाधिकारी चौधरी ने कहा कि वरूण चौधरी के कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। वहीं पीड़ितों के पर्चा बयान के लिए पुलिस की टीम जयपुर भेज दी गई है। पर्चा बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा साथ ही वरूण चौधरी के लिए चिकित्सकों का ईशारा मिलते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अफवाहों का बाजार गर्म
इस मुठभेड को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहां का बाजार भी गर्म रहा। कोई वरूण चौधरी की मौत की खबर की अफवाह उड़ा रहा था तो कोई संजय मीणा गुट द्वारा वरूण चौधरी पर फायरिंग की बात चला रहा था। इस मामले में थानाधिकारी अरूण चौधरी ने साफ किया कि पटवारी अनूप और सरपंच नीतू के बीच रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश को लेकर नीतू ने पटवारी अनूप और उसके बेटों को मरवाने के लिए वरूण को सुपारी दी थी। वरूण पूरी तैयारी के साथ आया था लेकिन वह हत्या करने में कामयाब नहीं हो सका।
रामकेश मीणा हत्याकाण्ड का मुख्य आरोपी
कुख्यात बदमाश वरूण चौधरी ने रामकेश मीणा को श्रीनगर रोड़ पर अंधाधुंध फायरिंग करके मौत के घाट उतारा था। इस मामले में वह काफी समय से फरार चल रहा है। वहीं कई अन्य मामलों में भी वरूण चौधरी वांटेड़ है। अब भरतपुर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अजमेर पुलिस वरूण चौधरी को गिरफ्तार करके लाएगी। गौरतलब है कि मीणा हत्याकाण्ड में सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं।
नवीन वैष्णव
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21-07-2018
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नहीं रहे एमडीएस यूनिर्वसिटी के कुलपति श्रीमाली, हृदयाघात से उदयपुर में हुई मृत्यु




यूनिर्वसिटी का टलेगा दीक्षांत समारोह, 1 अगस्त को होना था समारोह। 
अजमेर के महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की शनिवार को हृदयघात से मौत हो गई। उदयपुर के फोर्टिज अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। श्रीमाली की मौत से शिक्षा जगत के साथ ही यूनिर्वसिटी प्रबंधन में शोक की लहर व्याप्त है।
कुछ ही समय पहले महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को प्रो श्रीमाली के रूप में स्थायी कुलपति मिला था। श्रीमाली के पदभार ग्रहण करने के बाद से सारी व्यवस्थाएं सुचारू चल रही थी। आपको बता दें कि श्रीमाली हार्ट की बाईपास सर्जरी करवा चुके थे और किड़नी के रोग से भी ग्रसित थे, इसके बावजूद भी विश्वविद्यालय में पूरा समय देते और लगातार इसके विकास को लेकर तत्पर रहें। श्रीमाली ने गत दिनों राज्यपाल कल्याण सिंह की सहमति से 1 अगस्त को यूनिर्वसिटी का दीक्षांत समारोह करने का भी निर्णय लिया था। जिसकी तैयारियों में वह खुद भी पूरी तरह जुटे हुए थे। गुरूवार को वह इसकी तैयारियों का जायजा लेकर व कर्मचारियों व विश्वविद्यालय के अन्य स्टॉफ से मुलाकात करके उदयपुर के लिए निकले थे। विश्वविद्यालय कार्मिकों को इसका जरा भी अंदाज नहीं था कि यह श्रीमाली से उनकी आखिरी मुलाकात होगी।
रूटीन चैकअप के लिए गए थे
प्रो. श्रीमाली उदयपुर के फोर्टिज अस्पताल में रूटीन चैकअप के लिए गए थे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें तबियत नासाज होने की बात कहते हुए किड़नी के ईलाज के लिए अहमदाबाद जाने की सलाह दी, लेकिन श्रीमाली ने दीक्षांत समारोह के बाद जाने का कहकर इसे टाल दिया। उनकी जांच के बाद उन्हें फोर्टिज में ही भर्ती कर लिया गया। यहां शनिवार को लगभग दोपहर 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
प्रो. श्रीमाली की आत्मा की शांति के लिए परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करते हैं और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। श्रीमाली की मृत्यु पर उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने ट्विट करके श्रद्धांजली अर्पित की है।
नवीन वैष्णव
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